Saturday, November 30, 2019

कचऱ्याचे निर्मूलन कसे करावे !

कचऱ्याचे निर्मूलन करण्यासाठी सर्वप्रथम कचऱ्याचे विघटन केले गेले पाहिजे . कचऱ्याचे निर्मूलन पुढीलप्रमाणे केले जाते:
   

सुक्या कचऱ्यात असणाऱ्या प्लास्टीक, इ- कचरा( इलेक्ट्रॉनीक कचरा) , रद्दी (कागद , पुष्ठे , रिकामी खोखे अशा वस्तू) विकल्या जाउ शकतात .
     
 
जो कचरा विकता वा नैसर्गिक रित्या नष्ट करता येत नाही फक्त तोच कचरा सार्वजनीक कचऱ्याच्या ढीगात (डम्पींग ग्राउंड) मध्ये टाकला गेला पाहिजे .


     

ओल्या कचऱ्यापासून नैसर्गिक खत बनवले जाऊ शकते म्हणून ओला कचरा खत करण्यासाठी जमा करून त्यावर पुढीलप्रमाणे क्रीया करावी :


Friday, November 29, 2019

पानी कब और कैसे पीये।

पानी शरिर के लिए कितना आवश्यक है ये तो सब जानते है। गुनगुना पानी पीने के बहुत सारे फायदे शरिर को होते है , पर ये तब होता है जब पानी को सही समय और तरीके से पीया जाए।
       
 
सुबह उठते ही ब्रश करनेसे पहले पानी पीना जरुरी है ये तो पता होता है लेकीन सुबह उठकर सबसे पहले पानी पीने के बाद आधे-एक घंटे के बाद ही सुबह का नाश्ता कीया जाना चाहीए।
   
दीनभर थोडे थोडे समय पर पानी पीना चाहीए क्योंकी शरीर में मौजूद कोशिकाओंको पानी की जरुरत होती है इसलिए प्यास ना लगनेपर भी पानी समय समय पर पीते रहना चाहीए। आम तौर पर दिनमें ८-१० ग्लास पानी पीया जाना चाहीए पर ये मात्रा उम्रके , सीजनके , बिमारीयोंके या स्वास्थ्य के अनुसार बदल सकती है।
   
पानी बैठकर पीना अत्यावश्यक होता है क्योंकी ,खडे रहकर पानी पीनेसे पाचन विकार या किडनी के विकार होने की संभावना बढ जाती है , अत: पानी बैठकरही पीया जाना चाहीए।

Thursday, November 28, 2019

रासायनीक harmful pesticides के बजाय कौनसे कीटनाशक का इस्तेमाल कीया जाना चाहीए ।

             Pesticides full of chemicals
             
 
आम तौर पर जो chemicals से बने pesticides , insecticides (कीटनाशक) इस्तेमाल कीए जाते है उनका मनुष्य स्वास्थ्य पर बुरा परीणाम होता है। अत: ऐसे कीटनाशक इस्तेमाल करने चाहीए जो जैवीक हो , जीनके छिडकाव से  पेड ,पौधे , फल ,सब्जीयाँ केमीकल युक्त होने के बजाय केमीकल रहीत रहकर मनुष्य स्वास्थ्य के लिए सुरक्षीत एवं लाभप्रद साबीत हो।
                       रसायन से बने कीटनाशक खरीदने के बजाय कीसान या जो भी जीनके garden है, जो gardening करते है वे खूदही नैसर्गिक कीटनाशक बनाकर अपने farms , Gardens , Terrace garden या kitchen garden में भी इस्तेमाल कर सकते है।
निम्नांकित उपाय से chemical रहीत कीटनाशक (insecticides) बनाया जा सकता है।
   
       

Wednesday, November 27, 2019

भोजन बनाने हेतु केमिकल रहित सब्जीयों के लिए कुछ उपाय।

आजकल ऐसी सब्जीयाँ मीलना मुश्कील है जो chemicalरहित हो। आमतौर पर जो vegetables हम बाजार सें लाते है वो जीन farms (खेतों)से आते है उन खेतों में सब्जीयोंपर या उनके पौधोपर कई तरह के pesticides, insecticides (कीटनाशकों) को छिडकाया जाता है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए harmful (हानिकारक) होते है।
                         परंतू कुछ ऐसे उपाय है जीनसे vegetables पर लगे Chemicals को हटाया या उनका (vegetables filled with chemicals / केमिकल्स युक्त सब्जीयों) का परिवर्जन कीया जा सकता है।
       
   
निम्नांकित उपायोंसे केमिकल रहित सब्जीयोंको भोजन के लिए इस्तेमाल कीया जा सकता है।
   
1. नमक (salt) का पानी (water) ;- सब्जीयोंको यदी पानी में २ बडे चम्मच नमक डालकर उसमें आधे घंटे के लिए भिगोकर रखा जाए तो सब्जीयोंपर लगा chemical सब्जीयोंपर से हटकर पानी की सतह पर आता है और vegetables chemical मुक्त हो जाते है।
 

2. शाक वाटिका (kitchen garden) ;- आजकल कई लोग kitchen gardening करके खूदही fresh और केमिकल रहित सब्जीयाँ उगा रहे है।
   
किचन गार्डन के लिए ज्यादा जगह की आवशक्ता नही होती। गमलोमेंभी kitchen gardening के लिए सब्जीयाँ उगाई जा सकती है।
     

Kitchen garden is the best way to get fresh vegetables devoid of chemicals. 

                    

            

Tuesday, November 26, 2019

छत पर बागवानी(Gardening) कैसे करे।

बागवानी(gardening) की hobby तो बहुत लोग रखते है, पर सबके पास बागवानी के लिए पर्याप्त जगह ना होने के कारण उनकी ये hobby वे पूरे नही कर पाते। पर अब कुछ ऐसे उपाय है जिनसे आप अपने घरपरभी gardening कर सकते है।
निम्नांकित उपाय बागवानी करने वालों के लिए फायदेमन्द साबीत होगा। वो उपाय है ;




   
       Gardening can be done on the terrace.
                 
     
    

Monday, November 25, 2019

पूरानी plastic bags को reuse कैसे करे।

Plastic bags की संख्या सुखे कचरेमें अधिक होती है। ना तो plastic bags से natural compost बनाया जा सकता है और ना plastic bags प्रकृती में जल्दी नष्ट होते है। इसलिए plastic bags प्रकृती के लिए समस्या बनते जा रहे है। plastic bags को निरर्थक कचरा समझकर जलाने के बजाय reuse कीया जा सकता है।
                                निम्नांकीत उपाय से plastic bags को आसानी से reuse किया जा सकता हे। plastic bags को reuse करने का एक तरीका है :
       

        

Sunday, November 24, 2019

सिरदर्द ना हो इसलीए और सिरदर्द खतम हो इसलीए क्या कीया जाना चाहीए।

सिरदर्द यानी सिर में होने वाला दर्द। आजकल की भागदौडभरी जींदगी में अकसर होने वाला दर्द सिरदर्दही होता है।

सिरदर्द ना हो इसके लिए निम्नलिखीत उपाय कीए जा सकते है :
१. भरपूर पानी पीना ;- अकसर देखा जाता है कि, जो लोग पानी कम या अति थंडा पानी पीते है उन्हे सिरदर्द होता है।
इसलिए सिरदर्द ना होने के लिए भरपूर पानी पीना और वो भी गुनगुना पानी (ना ज्यादा गरम और ना ज्यादा थंडा) पीना आवश्यक है।

२. योग ;- नियमीत योग करने से शारिरीक एवं मानसीक स्वास्थ्य अच्छा रहता है। अत: सिरदर्द से बचने के लिए नित्य योग करना जरूरी है।

३. पर्याप्त नींद  ;- रातमें जागे रहने से या पर्याप्त नींद ना लेने से सिरदर्द होने लगता है। इसलिए पर्याप्त नींद लीइ जानी चाहीए।
       

निम्नांकित उपाय सिरदर्द को ठीक करने के लिए लाभदायक है :
   

Saturday, November 23, 2019

जुकाम को दूर करे।

                    सर्दी , जुकाम , cold

     

सर्दी आम तौर पर बदलते मौसम और तनिक रोगप्रतिकारक शक्ती की वजह से जल्दी हो जाती है, पर कुछ फायदेमन्द उपाय है जीनसे सर्दी (जुकाम) ठीक हो सकता है।


1. सर्दी हो जाने पर गरम पानी पीना लाभप्रद होता है।

2. हल्दी औषधि होने के कारण सरदी होने पर एक चम्मच हल्दी एक ग्लास पानी में मीलाकर पीने से फायदा होता है।

3. जुकाम पर अदरत गुणकारी साबीत होता है। अदरत का एक तुकडा कपभर पानी में उबालकर उसमें शक्कर डालकर पीनेसे लाभ होता है।

4. जुकाम हो जाने पर हल्दी का दूध पीनेसे जुकाम कम हो सकता है।

5. तुलसी के पत्तों को चबाए , तुलसी औषधि होने के कारण जुकाममें लाभप्रद साबीत होती है।



6. सूर्यनमस्कार , कपालभाती , और सूर्यभेदन प्राणायमसे जुकाम कम हो जाता है।

सबसे अच्छा उपाय है रोगप्रतिकारक शक्ती को बढाना जीसके लिए आप पौष्टिक आहार के साथ नियमीत योग कर सकते है।

Friday, November 22, 2019

How to augment platelets (प्लेटलेट्स कैसे बढाए)

Platelet is an important component in the blood.
प्लेटलेट्स खून को wafer-thin(अति पतला) ना होने देने का साथ ही रक्तवाहिकाओंको harm(हानी) होने पर रक्तस्त्राव (bleeding) अधिक मात्रा में ना होने का काम करती है।
Blood में basically तीन कोशिकाएँ (cells) होते है।
१. लाल कोशिकाएँ (RBC)
२. सफेद कोशिकाएँ (WBC)
३.  बिंबाणु    (platelets)

   उनमेंसे प्लेटेलेट्स की संख्या खूनमें अधिक होती है।


 Normallyhuman body contains one and half to four lakh fifty thousand platelets.

प्लेटेलेट्स की संख्या अत्याधिक होने से ,
खून के प्रवाह को अवरोक निर्माण हो जाता है।
जिससे ह्रदयरोग जैसी बिमारीयाँ हो सकती है।

प्लेटलेट्स की संख्या अत्याधिक कम होने पर ,
खून का प्रवाह (रक्तस्त्राव) अधिक हो जाता है। मतलब नाक से मसूडोंसे और थुँकमेंसे खून गिरने लगता है।
                 निम्नांकित उपाय platelets की संख्या बढाने के लिए उपयोगी है ,
पर निम्नांकित उपाय का कार्यान्वयन सिर्फ बिमारी की अवस्थामेंही जैसे डेंग्यू , मलेरीया या केमोथेरपी मेंही कीया जाना चाहीए।

   





This should be done only in Sickness .

For adult person minimum two papaya leaves are required to prepare a Juice.

The Papaya leaf's Juice is very bitter and children find it very difficult to drink the same so Honey can be added to Sweeten it.

The quantity of Papaya leaf's Juice depends on the age of the patients 
For such child 3 spoonful of juice .

For an adult 10 Spoonful or 2-3 Papaya leaves juice may be required . 

Thursday, November 21, 2019

What should be done in despondency.

One of our bad habit is , when we be disappointed , we start thinking more negative thoughts that's the reason we be a bit much depressed .
                      Hence when you despair then keep yours head . If possible then instead of  being bored with your life , do not let even single negative thought to come into yours mind.
              Pray time to time at least in yours heart and give thanks to the God about whatever he has given you hitherto and keep one thing in mind that,
' however the hard circumstances be, losing hope or not is purely hinge on ourselves. '

   

Wednesday, November 20, 2019

गुस्सा शांत करने के उपाय।



जैसे गुस्सा आने के कईसारे कारण होते है , वैसे गुस्सेको शांत करने केभी अनेक उपाय होते है। निम्नांकित ऐसेही कुछ गुस्सा शांत करनेके उपाय है।

1. दिलपर  हाथ रखकर दीर्घ श्वास लेते हुए श्वासको धिरे धिरेसे छोडते रहे , इस प्रक्रीया को तबतक करे जबतक दिलकी धडकने सामान्य नही होती। आपने कभी इस बात पर ध्यान दीया होगा कि, जब हमे गुस्सा आता है या हम अती डर जाते है तब हमारे दिलके धडकनोंकी गती बढ जाती है (दिल तेजीसे धडकने लगता है।) पर जब हम सामान्य स्थितीमें होते है तब दिल इतनी तेजीसे नही धडकता।

2. सकारात्मक विचारोंसे क्रोधका निर्मुलन करना एक अच्छा उपाय है, जब हमे गुस्सा आता है तब हमारे मन मे अनेक नकारात्मक विचार आने के कारण कईबार गुस्सा औरभी बढ जाता है , इसलिए गुस्सा शांत करने के लिए मन मेंं जितने हो सके उतने सकारात्मक विचार करे , उदाहरण के लिए ,  ' गुस्सा हमारेही स्वास्थ्य को हानी पहुँचाता है ' ये सोचकर मनको शांत रखने की कोशीश करे।
 
 

थंडके दिनोंमें होठोंका ख्याल कैसे रखे।

थंडीके दिनोंमें होठ फटना , dry होना और होंठ खराब होने जैसी समस्याए निर्माण हो जाती हे। होठोंको मुलायम कैसे रखा जाए ये महत्वपूर्ण प्रश्न हमारे सामने आता है, और इसलिए होठोंको मुलायम रखने के लिए ये कुछ खास टिप्स :
 
   
1. गुलाबपानी ; गुलाबपानी dry lips के लिए बहुत अच्छा होता है। एक चम्मच गुलाबपानीमें ३-४ drops ग्लीसरीन डालकर रखे। दीनमें तीन से चार बार ये मिश्रन को होठोंपर लगानेसे होठोंकी dryness कम हो जाती है।

2. Vaseline और निंबू ; खराब और सूखे पडने वालें होठोंको रातको व्यास्लीन और निंबू का रस मिलाकर लगानेसे होठ ठिक हो जाते है।

3. शहद (honey) ; फटे होठोंपर रोज २-३ बार शहद लगानेसे होंठ मुलायम हो जाते है।

       

Tuesday, November 19, 2019

प्रेम का व्याख्यापन कैसे करे

प्रेम यानी ऐसी एक भावना जो इस दुनीयामें इंसानीयत को क्षमा , आनंद , विश्वास , परवाह , पसंद और प्रामाणीकता के द्वारा बरकरार रखती है।


            एक अर्थ से प्रेम मतलब दुनीयामें शांती बनाए रखने का एक अत्यंत महत्ववपूर्ण पहलू है।


दातों की देखभाल

' जीनके मोती जैसे दात उन्हे स्वास्थ्य की साथ ' दातोंसेही हमारी शोभा एवं प्रभाव दुगना हो जाता है। दात अगर सफेद और चमकदार हो तो हमारी मुस्कुराहट औरभी अच्छी दिखने लगती है। पर आजकल के भाघदौडवाले इस दौरमेंं दातोंको पूरीतरह से निरोगी एवं मजबूत रखना हमारे लिए एक challenge बनता जा रहा है। फिरभी कुछ ऐसे उपाय है जिनसे दातोंका स्वस्थ्य बना रहेगा , पर उसके लिए निम्नलिखीत उपायोंका कार्यान्वयन नित्य किया जाना चाहीए और वो उपाय है :
१. दातों की ठिक सफाई / घिसाई (proper brushing)  ;-  दातोंको अगर नियमीत रुपसे अच्छी तरह से साफ रखा जाए तो दातोंको cavity से बचाया जा सकता है। दातोंकी दो बार सफाई होना बहुत जरुरी है खासकर रात को सोनेसे पहले दातों को जरूर brush करे क्योंकी दिनभर जो हम खाद्य खाते है वो कहीनाकही दातोंमें फस या रह जाता है जिससे cavity लगने का खतरा बन जाता है। अत: दातों को सुबह उठतेही और रात को सोने से पहले जरूर साफ करे।



२. फलों का सेवन  ;-  पहले के जो आदिमानव थे वे भलेही आज के लोगों की तरह  दात brush ना करते हो पर उनके दात मजबुत थे क्योंकी वे सिर्फ नैसर्गीक खाद्यही खाते थे जैसे कि कंदमूल , फल इत्यादी नैसर्ग से मिलने वाले खाद्यही खाते थे। फलोंका रस पिनेके बजाय यदी आप फलोंको वैसेही खाए तो वो आपके दातोंके लिए ठीक रहेगा। कोईभी फल या गाजर , गाजर भी दातोंकी अच्छी तरह से सफाई करता है खाना खाने के बाद गाजर खानेसे दातोंमें फसा खाना भी साफ हो जाता है और इसे नियमीत खानेसे दात मजबूत बनते जाते है।

३. आयुर्वेदीक दंतमंजन (Ayurvedic toothpaste) का उपयोग करना  ;- दातों को सफेद तो सभी टुथपेस्ट बनाते है पर कुछ chemicalयुक्त toothpaste से दातोंकी कुदरती चमक चली जाती है। अत: आयुर्वेदीक या chemicalरहीत दंतमंजन का उपयोग करनेसे दातों की चमक बनी रहती है।

४. जंक फूड (junk food) का परिवर्जन करना ;-  जंक फुड शरिर के लिए हानीकारक होताही है पर ये दातों को भी नुकसान करता है। अत: जंकफुड का सेवन या अती सेवन बिलकुल ना करे।

५. दातों के लिए लाभकारी आहार लेना  ;- दातों के लिए ये तत्व अच्छे होते है : i) calcium , कँल्शीअम दातोंके लिए बहुत उपयोगी होता है कँल्शीअम दूध और उससे बने पदार्थोंमे पाया जाता है।
ii) फाइबर युक्त आहार , फाइबरयुक्त आहार लेने से दाँत  cavity होने से बच जाते है।
iii) Vitamin C , विटामीन सी दातों के लिए बहुत लाभकारी होता है जो हरी फुलगोभी , अमरूद, जामफल में मौजूद होता है।


Sunday, November 17, 2019

आत्महत्या करनेसे खुदको कैसे रोके ❔

आत्महत्या करना सिर्फ एक पाप नही बल्की ये एक अपराध भी है। पहली बात तो आत्महत्या करने की कोशीश कर रहा मनुष्य आत्महत्या करने के नुकसानों के बारे में नही सोचता और अगर सोचता भी है तो वो अपनी व्यथा और परिशानीयोंकी वजह से ठिकसे फैसले नही कर पाता इसका कारण है उस मनुष्य का निराशा , दु:ख या क्रोध से अंध होना।                    आत्महत्या करनेसे खुदको रोकने के लिए सबसे पहले तो आप ये समझीये कि, आपका सबसे बडा दूश्मन (शैतान) आपसे ये सब करवाना चाहता है। और आप ये भी जान लिजीए कि, शैतान धूर्त और धोखेबाज है। वो आपको अपनी सारी व्यथाओंसे मुक्त करने का दावा करेगा पर वो कभीभी आपका भला नही चाहेगा। आत्महत्या करनेसे पहले आत्महत्या करने के बाद आपको इस दुनीया से तो मुक्ती मील जाएगी पर मनशांती कभी नही मिलेगी ये जान ले। आत्महत्माका प्रतिफल नरकमेंही मीलता है और वोभी वेदनाओंके रुप में। जहा अच्छे कर्म , सदाचरण , क्षमा, विश्वास और प्रार्थना का प्रतिफल स्वर्ग के साथ साथ इस धरती पर भी मिलता है। आत्महत्या करनेसे पहले सिर्फ एक बार उन व्यंग और अपंग बच्चों को और लोगों को देखे जीनके पास हमारे खयाल से सुख का कोई कारण नही है तबभी वे जी रहे है क्योंकी उन्हे पता है कि वे जैसेभी है उन्हे ईश्वरनेही बनाया है अत: ईश्वरही उन्हे इस दुनीया से मुक्ती देंगे किसीको अपनी या दुसरोंकी जान लेने का कोई अधिकार नही। आत्महत्या करने से पहले कुछ समय प्रार्थना करे और ईश्वरने आजतक आपको क्या क्या दान दिए है और ईश्वर आपसे क्या चाहते है इसपर जरा चींतन करे। मन में आनेवाले आत्महत्याजैसे बुरे विचार रुक जाऐंगे।



How to foster self-confidence

In order to increase our own self-confidence there must be made every efforts of being unafraid by believing in the God and for that, there should always keep doing good acts , individual prayers and positive thoughts . There must believe in God is because only God bestows us such a peaceful and delightful life which is more better than this worldly life . Even if in this world we feel grief , be troubled , meet with difficulties , get into hot water , feel despair even then we should be content with our prayers , good thoughts and righteous conduct. Because without fail God gives reward to those who perform good deeds , think positive and pray , Hence there should keep leading life being relaxed with the assured hope that we shall surely benefit of our righteousness.



Saturday, November 16, 2019

वासना से छुटकारा कैसे पाएँ (extricate from lust)

       

वासना (lust) that is a strong sexual desire वासना अर्थात कामवासना , हवस। वासना यानी संभोग की तिव्र इच्छा जो मनुष्य की वो भूख बन जाती है जो ना अन्न से मीटती है और ना पानी से । कामवासना एक ऐसी भूख है जो संभोग या हस्तमैथून से मीटाई जाती आ रही है।


                 संभोग (coitus) और हस्तमैथून (masturbation) से इस लैंगिक भूख (concupiscence) को मीटाने का सिलसिला खतम करना वासनामय मनुष्य के लिए कईबार ये जानकरभी मुश्कील बन जाता है कि, ये सब करना निरर्थक (useless) है। परिणामस्वरूप वासना से भरा व्यक्ति (Lustful person) अपनी हवस मीटाने के लीए बारबार संभोग या फीर हस्तमैथून करके अप्रत्यक्षरूपसे खूदकाही लैंगिक नुकसान करके लैंगिक व्यथा (sexual afflictions) ओंको न्योता देता है।
संभोग और हस्तमैथून कामवासना की भूखको केवल कुछ समय के लिए शांत करते है , उसका निवारण(prevent) नही करते। कामवासनाका निवारण करने के लिए सबसे पहले तो संभोग एवं हस्तमैथून करने पर प्रतिबंद लगाना जरूरी है , और वो कैसे कीया जाए इसे नीचे लिखे हुए उपायों (solutions) से समझा जा सकता है ;

   

1. दिनचर्या / समयसारिणी के मुताबिक चलना (adhering to the daily routine / timetable) :- ' खाली दिमाग शैतान का घर ' जब कोइ वासना का शिकार हो रही व्यक्ति अपने खाली समय में मन में निरर्थक विचार करने लगती है तब उसके मन में अत्याधीक नकारात्मक विचार (negative thoughts) आकर उसकि वासना को जागृत कर देते है इसलिए ये जरुरी है कि, अपनी एक दिनचर्या या समयसारिणी बनाकर उसके मुताबीक चला जाए। वासनामय व्यक्ति अपने खाली समय में कुछ सकारात्मक कार्य करने के बारेमें अपनी दिनचर्या या समयसारिणीमें लिखकर उसका पालन करे तो वो उसके खाली समय में भी वासना जागृत करनेसे बच सकता है फीर वो चाहे अपने खाली समयमें किताबे पढ सकता है , घर के काम कर सकता है या और किसी अच्छे कार्यमें खुदको व्यस्त रख सकता है।

2. वासनारहीत संबंध (platonic relations) :- माँ-बाप , चाचा-चाची , बुआ-फुफा , मौसी-मौसा , मामा-मामी kith and kins , भाई-बहन (cousins)आदि जैसे पवित्र संबंध वासना को जागृत नही करते, इसलिए वासनामय मनुष्य को उन अपरिचीत व्यक्ति (strangers) कोभी अपने स्वजन (relatives) मानकर उनके प्रति अपने मनमें प्रेम और आदर ( reverence) उत्पन्न करना चाहीए , क्योंकि इन रिश्तोंसे पवित्रता का अहसास होता है , अत: स्वजनोंसे इतनी सहजता से वासना जागृत नही होती।
That's why it is requisite for a Lustful person to form platonic relationships with those , by looking at whom he feels lust .

3. नित्यश: सकारात्मक दृष्टीकोन रखना (keeping positive perspective permanently) :- वासनामय व्यक्ति की वासना कईबार इस कारण जागृत हो जाती है क्योंकी वासनामय व्यक्ति अपनी वासना के चलते खुदके  दृष्टीकोन को नकारात्मक बना देता है (negative point of view) जो की अनुचीत (unseemly) है। वासना से बचने के लिए सदा आशावादी दृष्टीकोन एवं व्यवहार करना चाहीए। अगर किसीके आकर्षक एवं कामोत्तेजक शरिर (sexy body) को देखकर वासना जागृत हो रही हो तो, अपने मन में उस व्यक्ति के साथ संभोग करने जैसे या उसके शरिर का उपभोग लेने जैसे अयोग्य विचार करने के बजाय आप , ' वो व्यक्ति आपही की तरह ईश्वर की ही एक निर्मीती है ' every single human being is the God's creation '
' जैसे स्वयं के वैसेही दुसरोंके भी शरिर का ख्याल रखना साथ ही दुसरोंके शरिर को ईश्वर की निर्मीती समझकर उसे किसीभी तरह की व्यथा या वेदना ना देना और उसे स्वयंसे कोई तकलीफ ना पहूँँचने देना हमारा नैतिक एवं धार्मीक (ethical & religious) कर्तव्य (onus) है।'
ऐसे सकारात्मक विचार मन में बारबार (वासना जागृती के समय) लगातार करके वासना से छुटकारा पाने की कोशीश कर सकते है।
4. मन को नियंत्रित रखना (bridling the mind/ thoughts) :-  वासना भलेही एक प्रकारकी लैंगिक भूख (लैंगिक सुख के लिए उत्पन्न होने वाली तिव्र इच्छा ) हो परंतू ये एक मनोविक्षीप्ती (mental aberration)है। मन में अश्लील विचार (obscene thoughts) आने से वासन जागृत हो जाती है अर्थात मन में आने वाले अश्लील और गंदे विचारही वासना जागृत करते है। अत: मन को काबूमें रखना मतलब वासना का निवारण करना। मन में नकारात्मक , अश्लील और संभोगके विचार ना आए इसके लिए आप योगा( yoga) कर सकते है , वैयक्तिक प्रर्थना (individual prayer) कर सकते है।

5. अश्लील एवं वासनाउत्तेजक चित्र , दृश्य , चित्रमुद्रण ना देखे ( not watching pornographic pictures , views, videos) :- वासनांध व्यक्ति (person blind with lust) TV , computer, phone वगैरह उपकरण और पत्रकोंमें कामोत्तेजक तस्वीरे (sexy photos) एवं videos ना देखे
क्योंकी ऐसे images या videos देखनेसे वासना जल्दी जागृत हो जाती है। अगर ना चाहतेहुए भी (unwillingly) आपको ऐसे (lust stimulating videos, images, दृश्य देखने पड रहे हो तो आप अपना मन खाली रखने की कोशीश किजीए मन में कोईभी अश्लील विचार ना आने दे क्योंकी विचार कृती में बदलते है। थोडे समय के लिए कुछ ना सोचे , for eg ,अगर आपके सामने ऐसा मनुष्य जीसे देखकर आपकी वासना जागृत होती हो वो अगर कामोत्तेजक अस्वस्था में हो तो आप अपने मन में ये कतई ना सोचे कि , "काश इसके साथ संभोग करने को मिले " या " काश , ये इसके शरिर को जैसे चाहे वैसे छुने दे ऐसे सोचने से वासना बढ जाती है फीर वासना को काबु में करना कठीन हो जाता है, अत: मन में कोई स्वार्थी अश्लील इच्छा ना रखे। T v , Computer , mobile phone , news paper , maxins आदि में कामोत्तेजक तस्वीरे ना देखकर वासना को जागृतही ना होने दे।

   उपर अंकित सभी उपायों का कार्यान्वयन करके आप वासना से छुटकारा पाने की कोशीश जारी रखे so that you may get rid of lust .