वासना (lust) that is a strong sexual desire वासना अर्थात कामवासना , हवस। वासना यानी संभोग की तिव्र इच्छा जो मनुष्य की वो भूख बन जाती है जो ना अन्न से मीटती है और ना पानी से । कामवासना एक ऐसी भूख है जो संभोग या हस्तमैथून से मीटाई जाती आ रही है।
संभोग (coitus) और हस्तमैथून (masturbation) से इस लैंगिक भूख (concupiscence) को मीटाने का सिलसिला खतम करना वासनामय मनुष्य के लिए कईबार ये जानकरभी मुश्कील बन जाता है कि, ये सब करना निरर्थक (useless) है। परिणामस्वरूप वासना से भरा व्यक्ति (Lustful person) अपनी हवस मीटाने के लीए बारबार संभोग या फीर हस्तमैथून करके अप्रत्यक्षरूपसे खूदकाही लैंगिक नुकसान करके लैंगिक व्यथा (sexual afflictions) ओंको न्योता देता है।
संभोग और हस्तमैथून कामवासना की भूखको केवल कुछ समय के लिए शांत करते है , उसका निवारण(prevent) नही करते। कामवासनाका निवारण करने के लिए सबसे पहले तो संभोग एवं हस्तमैथून करने पर प्रतिबंद लगाना जरूरी है , और वो कैसे कीया जाए इसे नीचे लिखे हुए उपायों (solutions) से समझा जा सकता है ;
1. दिनचर्या / समयसारिणी के मुताबिक चलना (adhering to the daily routine / timetable) :- ' खाली दिमाग शैतान का घर ' जब कोइ वासना का शिकार हो रही व्यक्ति अपने खाली समय में मन में निरर्थक विचार करने लगती है तब उसके मन में अत्याधीक नकारात्मक विचार (negative thoughts) आकर उसकि वासना को जागृत कर देते है इसलिए ये जरुरी है कि, अपनी एक दिनचर्या या समयसारिणी बनाकर उसके मुताबीक चला जाए। वासनामय व्यक्ति अपने खाली समय में कुछ सकारात्मक कार्य करने के बारेमें अपनी दिनचर्या या समयसारिणीमें लिखकर उसका पालन करे तो वो उसके खाली समय में भी वासना जागृत करनेसे बच सकता है फीर वो चाहे अपने खाली समयमें किताबे पढ सकता है , घर के काम कर सकता है या और किसी अच्छे कार्यमें खुदको व्यस्त रख सकता है।
2. वासनारहीत संबंध (platonic relations) :- माँ-बाप , चाचा-चाची , बुआ-फुफा , मौसी-मौसा , मामा-मामी kith and kins , भाई-बहन (cousins)आदि जैसे पवित्र संबंध वासना को जागृत नही करते, इसलिए वासनामय मनुष्य को उन अपरिचीत व्यक्ति (strangers) कोभी अपने स्वजन (relatives) मानकर उनके प्रति अपने मनमें प्रेम और आदर ( reverence) उत्पन्न करना चाहीए , क्योंकि इन रिश्तोंसे पवित्रता का अहसास होता है , अत: स्वजनोंसे इतनी सहजता से वासना जागृत नही होती।
That's why it is requisite for a Lustful person to form platonic relationships with those , by looking at whom he feels lust .
3. नित्यश: सकारात्मक दृष्टीकोन रखना (keeping positive perspective permanently) :- वासनामय व्यक्ति की वासना कईबार इस कारण जागृत हो जाती है क्योंकी वासनामय व्यक्ति अपनी वासना के चलते खुदके दृष्टीकोन को नकारात्मक बना देता है (negative point of view) जो की अनुचीत (unseemly) है। वासना से बचने के लिए सदा आशावादी दृष्टीकोन एवं व्यवहार करना चाहीए। अगर किसीके आकर्षक एवं कामोत्तेजक शरिर (sexy body) को देखकर वासना जागृत हो रही हो तो, अपने मन में उस व्यक्ति के साथ संभोग करने जैसे या उसके शरिर का उपभोग लेने जैसे अयोग्य विचार करने के बजाय आप , ' वो व्यक्ति आपही की तरह ईश्वर की ही एक निर्मीती है ' every single human being is the God's creation '
' जैसे स्वयं के वैसेही दुसरोंके भी शरिर का ख्याल रखना साथ ही दुसरोंके शरिर को ईश्वर की निर्मीती समझकर उसे किसीभी तरह की व्यथा या वेदना ना देना और उसे स्वयंसे कोई तकलीफ ना पहूँँचने देना हमारा नैतिक एवं धार्मीक (ethical & religious) कर्तव्य (onus) है।'
ऐसे सकारात्मक विचार मन में बारबार (वासना जागृती के समय) लगातार करके वासना से छुटकारा पाने की कोशीश कर सकते है।
4. मन को नियंत्रित रखना (bridling the mind/ thoughts) :- वासना भलेही एक प्रकारकी लैंगिक भूख (लैंगिक सुख के लिए उत्पन्न होने वाली तिव्र इच्छा ) हो परंतू ये एक मनोविक्षीप्ती (mental aberration)है। मन में अश्लील विचार (obscene thoughts) आने से वासन जागृत हो जाती है अर्थात मन में आने वाले अश्लील और गंदे विचारही वासना जागृत करते है। अत: मन को काबूमें रखना मतलब वासना का निवारण करना। मन में नकारात्मक , अश्लील और संभोगके विचार ना आए इसके लिए आप योगा( yoga) कर सकते है , वैयक्तिक प्रर्थना (individual prayer) कर सकते है।
5. अश्लील एवं वासनाउत्तेजक चित्र , दृश्य , चित्रमुद्रण ना देखे ( not watching pornographic pictures , views, videos) :- वासनांध व्यक्ति (person blind with lust) TV , computer, phone वगैरह उपकरण और पत्रकोंमें कामोत्तेजक तस्वीरे (sexy photos) एवं videos ना देखे
क्योंकी ऐसे images या videos देखनेसे वासना जल्दी जागृत हो जाती है। अगर ना चाहतेहुए भी (unwillingly) आपको ऐसे (lust stimulating videos, images, दृश्य देखने पड रहे हो तो आप अपना मन खाली रखने की कोशीश किजीए मन में कोईभी अश्लील विचार ना आने दे क्योंकी विचार कृती में बदलते है। थोडे समय के लिए कुछ ना सोचे , for eg ,अगर आपके सामने ऐसा मनुष्य जीसे देखकर आपकी वासना जागृत होती हो वो अगर कामोत्तेजक अस्वस्था में हो तो आप अपने मन में ये कतई ना सोचे कि , "काश इसके साथ संभोग करने को मिले " या " काश , ये इसके शरिर को जैसे चाहे वैसे छुने दे ऐसे सोचने से वासना बढ जाती है फीर वासना को काबु में करना कठीन हो जाता है, अत: मन में कोई स्वार्थी अश्लील इच्छा ना रखे। T v , Computer , mobile phone , news paper , maxins आदि में कामोत्तेजक तस्वीरे ना देखकर वासना को जागृतही ना होने दे।
उपर अंकित सभी उपायों का कार्यान्वयन करके आप वासना से छुटकारा पाने की कोशीश जारी रखे so that you may get rid of lust .



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